श्राद्ध कर्म गीता जी के विरुद्ध हैं। गीता जी अध्याय 17 के श्लोक 4 में कहा गया है कि तामसी स्वभाव के मनुष्य पितरों, भूतों आदि की पूजा करते हैं। इसका मतलब है कि गीता के अनुसार श्राद्ध निकालना गलत है। Supreme God Kabir अवश्य देखें MHONE श्रद्धा 📺 14:00

Posted Oct 8, 2023, 3:00 AM UTC
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