कबीर साहेब जी कहते हैं कि तीर्थ आदि पवित्र स्थलों में नहाने-धोने से कोई लाभ नहीं, यदि मन का मैल साफ नहीं होता। ऐसे तो मछली सदैव पानी में ही रहती है, परंतु उसकी दुर्गंध नहीं जाती। #satlokashrammundka #KabirisGod

कबीर साहेब जी कहते हैं कि तीर्थ आदि पवित्र स्थलों में नहाने-धोने से कोई लाभ नहीं, यदि मन का मैल साफ नहीं होता। ऐसे तो मछली सदैव पानी में ही रहती है, परंतु उसकी दुर्गंध नहीं जाती।

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Posted Mar 10, 2024, 3:01 PM UTC

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