#ग्रंथोंमेंप्रमाण_कबीरजीभगवान ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त 96 मंत्र 17 वेद बोलने वाला ब्रह्म कह रहा है कि पूर्ण परमात्मा विलक्षण मनुष्य के बच्चे के रूप में प्रकट होकर कविर्देव अपने वास्तविक ज्ञानको अपनी कबीर बाणी के द्वारा निर्मल ज्ञान अपने हंसात्माओं अर्थात् पुण्यात्मा अनुयायियों को कविताओं, लोकोक्तियों क

Posted Jun 12, 2024, 9:37 AM UTC
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