सांच कहूं तो कोई ना माने झूठी कहीं ना जय हो।। यह ब्रह्मा विष्णु महेश्वर दुखिया जिन ये रहा चलाई हो।। जीने की राह पुस्तक पढ़कर मिलेगी सुखो की रहा।।

सांच कहूं तो कोई ना माने झूठी कहीं ना जय हो।। यह ब्रह्मा विष्णु महेश्वर दुखिया जिन ये रहा चलाई हो।। जीने की राह पुस्तक पढ़कर मिलेगी सुखो की रहा।।

Posted May 5, 2025, 2:08 AM UTC

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