#GodNightMonday #सतभक्ति_से_ऐसे_सुख_मिलते_हैं तेरहवां पंथ.... कबीर सागर, कबीर बानी पृष्ठ 134 (980): बारहवें पंथ होय उजियारा। तेरहवें पंथ मिटै सकल अंधियारा ।। बारहवाँ पंथ संत गरीबदास जी का है। उनके द्वारा परमेश्वर कबीर जी ने अपनी महिमा तथा यथार्थ ज्ञान की वाणी गूढ़ शब्दों में बुलवाई तथा लिखवाई है।
Posted Aug 4, 2025, 4:24 PM UTC
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