अल्फ़ाज़..
उजड़े हुए घर की तस्वीर सी है जिन्दगी, हर सफ़र अब मकान-ए-दिल तलाशता है। हर चेहरा एक सवाल बन कर रह गया है, जवाब शायद तेरे पास ही छूट गया है।"
~करन "निशात"
Posted Oct 5, 2025, 4:06 AM UTC
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उजड़े हुए घर की तस्वीर सी है जिन्दगी, हर सफ़र अब मकान-ए-दिल तलाशता है। हर चेहरा एक सवाल बन कर रह गया है, जवाब शायद तेरे पास ही छूट गया है।"
~करन "निशात"
Posted Oct 5, 2025, 4:06 AM UTC