Ehsas
मैं चुनूँगी तुम्हें वहाँ भी,
जहाँ हमारी बातें अधूरी रह जाएँ,
जहाँ जज़्बात तो हों मगर अल्फ़ाज़ खो जाएँ।
जहाँ तुम मुझे समझने में हार मान लो,
और मैं तुम्हारी ख़ामोशियों का मतलब न निकाल पाऊँ।
जहाँ हमारे बीच की दूरियाँ
पल भर को हमें अजनबी बना दें।
फिर भी… मैं चुनूँगी तुम्हें।
क्योंकि मोहब्बत सिर्फ़
आसान रास्तों का नाम नहीं,
ये तो टूटते हुए रिश्तों को
थाम लेने का हौसला है।
ये उस आँसू को पोछ देने का नाम है,
जिसे दुनिया कभी देख ही नहीं पाती
Posted Nov 10, 2025, 12:08 PM UTC
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