#GodMorningWednesday जैसे एक माँ गर्भ में पल रहे बच्चे की अत्यंत सावधानी और जतन से रक्षा करती है, वैसे ही साधक को अपनी भक्ति को विकार (काम, क्रोध, लोभ, मोह) रूपी ठेस से बचाकर सुरक्षित रखनी चाहिए, अन्यथा भक्ति नष्ट हो जाती है। 🙇 🙇⤵️ जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज
Posted Apr 8, 2026, 2:41 AM UTC
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