भक्त और भगवान: एक अनूठा संवाद ,💖😇🌹

"तेरे प्रेम के आगे मैं सब कुछ हारा,

अपना तन-मन और हृदय भी तुझ पर वारा। जब क्रोध की अग्नि में जल रहा था यह ब्रह्मांड सारा, तब तूने आकर मुझे प्रेम से हृदय से लगा डाला।" "भूल गया मैं अपना सारा क्रोध, जब तूने मुझे सहलाया, मेरे भीतर फिर से ममता और प्रेम का फूल खिलाया। हे भक्त शिरोमणि प्रह्लाद! तुझे मेरा बारंबार नमस्कार है, यह सृष्टि और यह स्वयं ईश्वर तेरी स्तुति को तैयार है।" "जब भी मेरे भक्तों पर कोई संकट गहराएगा, यह नृसिंह अवतार फिर से हुंकार भरता आएगा। देता हूँ आज यह वरदान, कि जब भी भक्तों का नाम लिया जाएगा, हे प्रह्लाद! सर्वश्रेष्ठ और प्रथम नाम सदा तेरा ही आएगा।"

Posted May 11, 2026, 5:25 AM UTC

10
Loading comments…