कबीर जीव हने हिंसा करे प्रगट पाप सिर होय निगम पुनि ऐसे पाप ते भीरत गया नहिं कोय

कबीर जीव हने हिंसा करे प्रगट पाप सिर होय निगम पुनि ऐसे पाप ते भीरत गया नहिं कोय

Posted May 28, 2026, 10:41 AM UTC

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