GodNightTuesday दया धर्म का मूल है, पाप मूल अभिमान। कह कबीर दयावान के पास रहे भगवान।। धर्म वही करता है जिसके हृदय मे दया है तथा पाप वह करता है जिसमें अभिमान भरा है। कबीर परमात्मा ने कहा है दयावान के पास परमात्मा रहता है। अभिमानी के पास नहीं रहता।🙏 - संत रामपाल जी महाराज जी

Posted Jun 2, 2026, 1:03 PM UTC
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