#शराब_पीना_महापाप संत गरीबदास जी ने कहा है कि:- तमा + खू = तमाखू। खू नाम खून का तमा नाम गाय। सौ बार सौगंध इसे न पीयें-खाय।। भावार्थ:- भावार्थ है कि फारसी भाषा में ‘‘तमा’’ गाय को कहते हैं। खू = खून यानि रक्त को कहते हैं। यह तमाखू गाय के रक्त से उपजा है। इसके ऊपर गाय के बाल जैसे रूंग (रोम) जैसे होते

Posted Jun 11, 2026, 2:42 AM UTC
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