माजरा क्या है

भीड़ के बीच ख़ामोश तन्हाई माजरा क्या है
पलकों पे राख काजल सी सजाई माजरा क्या है

बारिश में भीग जाने से बुझती नहीं चिता
ये आग तुमने ही लगायी माजरा क्या है

शीशे में अब अक्स ही बेगाना लगता है
ये परछाई ख़ुद की है या परायी माजरा क्या है

चमकाते रहे ख़ुद ही बेड़ियों का सोना
पिंजरा खुला पर मिली ना रिहाई माजरा क्या है

Posted Jul 4, 2026, 6:38 PM UTC

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