बैतूल (म.प्र.) के ग्राम डांगरिया में 67 वर्षीय दृष्टिहीन बेटी के साथ रह रहे बुजुर्ग रामलाल जी का परिवार अत्यधिक गरीबी में जीवन यापन कर रहा था। आय का कोई साधन न होने और केवल ₹1200 पेंशन पर निर्भर इस बेबस परिवार के लिए संत रामपाल जी महाराज की 'अन्नपूर्णा मुहिम' एक बड़ा सहारा बनी।

बैतूल (म.प्र.) के ग्राम डांगरिया में 67 वर्षीय दृष्टिहीन बेटी के साथ रह रहे बुजुर्ग रामलाल जी का परिवार अत्यधिक गरीबी में जीवन यापन कर रहा था। आय का कोई साधन न होने और केवल ₹1200 पेंशन पर निर्भर इस बेबस परिवार के लिए संत रामपाल जी महाराज की 'अन्नपूर्णा मुहिम' एक बड़ा सहारा बनी।

Posted Aug 3, 2026, 1:59 PM UTC

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