प्रेत (भूत) पूजा तथा पितर पूजा उस परमेश्वर की पूजा नहीं है। इसलिएगीता शास्त्र के अनुसार व्यर्थ है। वेदों में भूत-पूजा व पितर पूजा यानि श्राद्ध आदि कमर्काण्ड को मूर्खों का कार्य बताया है।
reddit.com/gallery/puja03Posted Sep 24, 2021, 1:01 PM UTC
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Posted Sep 24, 2021, 1:01 PM UTC